बिलासपुर, 4 जुलाई 2026
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में प्रताड़ित बुजुर्ग मां को राहत देते हुए बेटे और बहू की घर से बेदखली के आदेश को बरकरार रखा है। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि यदि बच्चे अपने बुजुर्ग माता-पिता को मानसिक या शारीरिक रूप से प्रताड़ित करते हैं, तो उन्हें घर से बेदखल किया जा सकता है।
मामला बिलासपुर की मिनोचा कॉलोनी में रहने वाली 93 वर्षीय संतोष खन्ना से जुड़ा है। उन्होंने मेंटेनेंस ट्रिब्यूनल में आवेदन देकर आरोप लगाया था कि उनके बड़े बेटे देवेंद्र खन्ना और बहू नीरजा खन्ना लगातार उन्हें प्रताड़ित करते हैं। उन्होंने अपनी सुरक्षा का हवाला देते हुए बेटे-बहू को घर से बेदखल करने की मांग की थी।
मामले की सुनवाई के बाद मेंटेनेंस ट्रिब्यूनल ने 12 सितंबर 2024 को बेटे-बहू को मकान खाली करने का आदेश दिया था। इसके खिलाफ दायर अपील को अपीलीय ट्रिब्यूनल ने भी खारिज कर दिया।
इसके बाद बेटे-बहू ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का रुख किया, लेकिन सिंगल बेंच ने भी ट्रिब्यूनल और अपीलीय ट्रिब्यूनल के आदेश को सही ठहराते हुए उनकी याचिका खारिज कर दी। अदालत ने माना कि बुजुर्ग माता-पिता की सुरक्षा और सम्मान सर्वोपरि है, और प्रताड़ना की स्थिति में कानूनी संरक्षण दिया जा सकता है।
