रायपुर, 5 जुलाई 2026
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में मानसून की पहली तेज बारिश ने नगर निगम और रेलवे की तैयारियों की पोल खोल दी। कुछ ही देर की बारिश में रेलवे स्टेशन, अंडरब्रिज, सड़कें और कई कॉलोनियां जलमग्न हो गईं। निचले इलाकों के साथ-साथ पॉश कॉलोनियों में भी पानी घुसने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
ए-1 श्रेणी के रायपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर बारिश के दौरान शेड से झरने की तरह पानी गिरता रहा। छत के नीचे खड़े यात्री भीग गए और सुरक्षित स्थान की तलाश में इधर-उधर भागते नजर आए। प्लेटफॉर्म पर जलभराव के कारण यात्रियों की आवाजाही भी प्रभावित हुई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

शहर के डीडी नगर जोन-5 में कई घरों के अंदर घुटनों तक पानी भर गया। शंकर नगर, टाटीबंध, इंद्रप्रस्थ कॉलोनी फेस-2, अनुपम गार्डन जी रोड और चौबे कॉलोनी समेत कई इलाकों में जलभराव की स्थिति रही। चौबे कॉलोनी में आसपास के पांच तालाबों का पानी रिहायशी क्षेत्र में पहुंच गया।

बारिश का असर वीआईपी इलाकों में भी दिखाई दिया। महापौर मीनल चौबे के बंगले के बाहर भी नाली का पानी भर गया। शहर के अधिकांश वार्डों में सड़कें पानी में डूब गईं, जिससे लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
लगातार बारिश के कारण गुढ़ियारी और कोटा अंडरब्रिज में पानी भर गया। वहीं फाफाडीह अंडरब्रिज में सुबह से एक ट्रक पानी में फंसा रहा, जिससे यातायात प्रभावित हुआ और लोगों को वैकल्पिक मार्ग अपनाने पड़े।
इधर, नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने जलभराव को लेकर सरकार और नगर निगम पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि रायपुर के सभी 70 वार्डों में लोग जलभराव से परेशान हैं। उनका आरोप है कि केवल एसी कमरों में बैठक करने से जिम्मेदारी पूरी नहीं होती। सरकार न गर्मी में पर्याप्त पेयजल उपलब्ध करा पा रही है और न ही बारिश में जलभराव की समस्या से राहत दिला पा रही है।
