CM साय का बड़ा प्लान: ‘चिंतन शिविर 3.0’ में भविष्य की विकास रणनीति पर होगी चर्चा, देश के दिग्गज विशेषज्ञ होंगे शामिल

CM साय का बड़ा प्लान: ‘चिंतन शिविर 3.0’ में भविष्य की विकास रणनीति पर होगी चर्चा, देश के दिग्गज विशेषज्ञ होंगे शामिल

रायपुर, 3 जुलाई 2026

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ मंत्रिमंडल का दो दिवसीय ‘चिंतन शिविर 3.0’ 4 और 5 जुलाई को भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम), रायपुर में आयोजित किया जाएगा। सुशासन एवं अभिसरण विभाग द्वारा आईआईएम रायपुर के सहयोग से आयोजित इस शिविर का उद्देश्य विकसित छत्तीसगढ़ के विज़न को आगे बढ़ाते हुए शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी, नवाचार आधारित और परिणामोन्मुखी बनाना है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि बदलते समय की चुनौतियों और अवसरों के अनुरूप शासन को निरंतर सीखने, स्वयं का मूल्यांकन करने और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुसार तैयार होने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि चिंतन शिविर 3.0 मंत्रिमंडल और विभिन्न क्षेत्रों के राष्ट्रीय विशेषज्ञों के बीच संवाद, अनुभव साझा करने और नीति निर्माण का महत्वपूर्ण मंच बनेगा।

शिविर में कृषि, ग्रामीण विकास, उद्योग, निवेश, पर्यटन, खेल, नवाचार, उभरती प्रौद्योगिकी, सुशासन, संस्थागत सुधार, नेतृत्व विकास तथा प्रभावी जनसेवा जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा होगी। इन सत्रों के आधार पर शासन की प्राथमिकताओं, विभागीय समन्वय और जनहितकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए भावी रणनीति तैयार की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन केवल योजनाएं बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि समय के अनुसार स्वयं को बेहतर बनाते हुए जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना भी है। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसी पारदर्शी, उत्तरदायी, संवेदनशील और परिणाम आधारित कार्यसंस्कृति विकसित करना चाहती है, जिसका सीधा लाभ प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक पहुंचे।

उन्होंने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण केवल संसाधनों के बेहतर उपयोग से नहीं, बल्कि दूरदर्शी नीति, नवाचार, प्रभावी नेतृत्व और विभागों के बीच बेहतर समन्वय से संभव होगा। शिविर में होने वाला मंथन आने वाले वर्षों की विकास यात्रा को नई दिशा देगा।

प्रथम दिवस की शुरुआत आध्यात्मिक गुरु एवं मोटिवेशनल स्पीकर गौर गोपाल दास के नेतृत्व एवं जीवन मूल्यों पर व्याख्यान से होगी। इसके बाद अभय करंदीकर उभरती प्रौद्योगिकियों और भविष्य की शासन व्यवस्था पर, जबकि डॉ. रमेश चंद कृषि, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषि रणनीतियों पर अपने विचार रखेंगे।

द्वितीय दिवस की शुरुआत योग सत्र से होगी। इसके बाद सुमन बिल्ला पर्यटन एवं सेवा क्षेत्र, शशांक मणि त्रिपाठी सार्वजनिक नीति एवं विकास, ओलंपिक पदक विजेता गगन नारंग उत्कृष्टता, नेतृत्व और प्रदर्शन की संस्कृति तथा डॉ. विनय सहस्रबुद्धे सुशासन, नेतृत्व और जनकेंद्रित प्रशासन पर अपने विचार साझा करेंगे।

चिंतन शिविर का प्रमुख उद्देश्य शासन व्यवस्था में नवाचार, विभागीय अभिसरण, निर्णय प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना, प्रौद्योगिकी के बेहतर उपयोग तथा नागरिक-केंद्रित सेवाओं को बढ़ावा देकर सुशासन की नई कार्यसंस्कृति को मजबूत करना है।

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