रायपुर, 20 जून 2026
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शनिवार को अपने निवास बगिया से जशपुर जिले की अभिनव शैक्षणिक पहल ‘जश लर्न’ का जिला स्तरीय शुभारंभ किया। फरसाबहार विकासखंड में सफल पायलट प्रोजेक्ट के रूप में संचालित इस कार्यक्रम को अब जिले के सभी विकासखंडों तक विस्तारित किया जाएगा। इस पहल के माध्यम से प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों की आधारभूत गणितीय दक्षता मजबूत करने के साथ-साथ शिक्षक, पालक और विद्यार्थियों की सहभागिता बढ़ाई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज और राष्ट्र के विकास की सबसे मजबूत आधारशिला होती है। आधुनिक तकनीक और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से बच्चों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने का यह प्रयास सराहनीय है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह कार्यक्रम बच्चों की गणितीय समझ बढ़ाने, आत्मविश्वास विकसित करने और सीखने के स्तर में गुणात्मक सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
मुख्यमंत्री ने बच्चों से पूछा- क्या सीखे हो?
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने वंदना यादव, नव्यता यादव, आयुषी तिर्की और कुसुम डडसेना सहित लाभान्वित विद्यार्थियों से संवाद किया। ग्राम झारमुंडा की कक्षा पांचवीं की छात्रा नव्यता यादव ने बताया कि अब उसे 20 तक पहाड़े याद हो गए हैं और वह जोड़, घटाव, गुणा और भाग के सवाल आसानी से हल कर लेती है।
वहीं धनपुर की छात्रा वंदना यादव ने बताया कि नियमित फोन आधारित मार्गदर्शन और अभ्यास से गणित के प्रति उसका आत्मविश्वास बढ़ा है। पहले गणित कठिन लगता था, लेकिन अब पढ़ाई में आनंद आने लगा है।
डाइट के छात्र-शिक्षकों को किया सम्मानित
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम से जुड़े डाइट जशपुर के प्रशिक्षु छात्र-शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इन छात्र-शिक्षकों ने मोबाइल आधारित शिक्षण के माध्यम से बच्चों की गणितीय दक्षता बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
फरसाबहार मॉडल की सफलता के बाद जिलेभर में विस्तार
जिला प्रशासन ने यूथ इम्पैक्ट संस्था के सहयोग से फरसाबहार में इस कार्यक्रम को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया था। इसके तहत कक्षा तीसरी और चौथी के विद्यार्थियों को डाइट जशपुर के छात्र-अध्यापकों द्वारा नियमित रूप से मोबाइल फोन के माध्यम से शैक्षणिक सहयोग दिया गया।
260 बच्चों को मिला लाभ, 75% ने हासिल की दक्षता
पायलट प्रोजेक्ट में 90 प्रशिक्षु छात्र-शिक्षकों ने 260 विद्यार्थियों को मोबाइल आधारित शिक्षण सहायता प्रदान की। इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए और लगभग 75 प्रतिशत विद्यार्थियों ने जोड़, गुणा, भाग तथा अन्य मूलभूत गणितीय संक्रियाओं में दक्षता हासिल की। बच्चों की सीखने की गति, गणितीय समझ और आत्मविश्वास में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया।
अब सभी विकासखंडों में पहुंचेगा ‘जश लर्न’
पायलट प्रोजेक्ट की सफलता को देखते हुए जिला प्रशासन ने कार्यक्रम को जशपुर जिले के सभी विकासखंडों में लागू करने का निर्णय लिया है। इसके लिए सभी सीएसी को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि कार्यक्रम का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।
“साथ मिलकर सीखें, आगे बढ़ें” की भावना पर आधारित यह पहल जशपुर जिले में शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक और नवाचारपूर्ण मॉडल के रूप में उभर रही है। इससे जिले के हजारों विद्यार्थियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।


