रायपुर, 2 जुलाई 2026
छत्तीसगढ़ में मानसून की दस्तक के साथ खरीफ सीजन 2026 की बुवाई ने रफ्तार पकड़ ली है। 2 जुलाई तक प्रदेश में 6.25 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी पूरी हो चुकी है, जो निर्धारित लक्ष्य का 13 प्रतिशत है। इस वर्ष राज्य सरकार ने 48.69 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ फसलों की बोनी का लक्ष्य निर्धारित किया है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अधिकारियों को किसानों को उनकी मांग के अनुरूप प्रमाणित खाद और बीज की सुगम उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने खाद-बीज वितरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई करने तथा सभी समितियों में पर्याप्त भंडारण और सतत निगरानी रखने के निर्देश भी दिए हैं। कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में कृषि विभाग इसकी लगातार निगरानी कर रहा है।
कृषि विभाग के अनुसार प्रदेश के किसानों को अब तक 7.28 लाख मीट्रिक टन उर्वरक और 3.09 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरित किए जा चुके हैं। राज्य में धान, मक्का, कोदो, कुटकी, अरहर, मूंग, मूंगफली और रामतिल सहित विभिन्न खरीफ फसलों की बुवाई लगातार बढ़ रही है।
प्रदेश में 2 जुलाई 2026 तक 96.4 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है, जबकि राज्य की औसत वार्षिक वर्षा 1246.3 मिमी है। कृषि विभाग का मानना है कि आगामी दिनों में वर्षा बढ़ने के साथ बुवाई का रकबा भी तेजी से बढ़ेगा।
अधिकारियों ने बताया कि बीज निगम ने खरीफ 2026 के लिए 4.95 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरण का लक्ष्य रखा है। इसके लिए 4.30 लाख क्विंटल बीज का भंडारण किया गया, जिसमें से अब तक 3.09 लाख क्विंटल बीज किसानों को वितरित किए जा चुके हैं। यह कुल मांग का 62 प्रतिशत है। पिछले वर्ष इसी अवधि में 2.67 लाख क्विंटल बीज वितरित किए गए थे।
इसी प्रकार इस खरीफ सीजन में 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके मुकाबले 13.16 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का भंडारण किया जा चुका है और अब तक 7.28 लाख मीट्रिक टन उर्वरक किसानों तक पहुंचाए जा चुके हैं, जो लक्ष्य का 47 प्रतिशत है।
किसानों को खेती के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के माध्यम से 30 जून 2026 तक 5,525 करोड़ रुपये का अल्पकालीन कृषि ऋण वितरित किया गया है। पिछले वर्ष इसी अवधि में यह राशि 4,517 करोड़ रुपये थी। राज्य सरकार ने इस वर्ष किसानों को 8,800 करोड़ रुपये कृषि ऋण उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा है।
