ट्रैवल डेस्क, 6 जुलाई 2026
अमरनाथ यात्रा को भारत की सबसे कठिन धार्मिक यात्राओं में माना जाता है। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु जम्मू-कश्मीर की ऊंची पहाड़ियों, कठिन चढ़ाई और चुनौतीपूर्ण मौसम का सामना करते हुए बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
अमरनाथ गुफा समुद्र तल से लगभग 3,888 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यहां प्राकृतिक रूप से बनने वाला हिम शिवलिंग श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी गुफा में भगवान शिव ने माता पार्वती को अमरत्व का रहस्य सुनाया था, इसलिए इस स्थान को अत्यंत पवित्र माना जाता है।
मान्यता है कि गुफा में बनने वाला हिम शिवलिंग किसी व्यक्ति द्वारा निर्मित नहीं होता, बल्कि गुफा की छत से टपकने वाले पानी के जमने से प्राकृतिक रूप से बनता है। श्रद्धालु इसे बाबा बर्फानी का दिव्य स्वरूप मानते हैं।
भक्तों का विश्वास है कि अमरनाथ यात्रा करने और बाबा बर्फानी के दर्शन से मन को शांति मिलती है, सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है तथा भगवान शिव का विशेष आशीर्वाद मिलता है। इसी अटूट आस्था के कारण श्रद्धालु कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी इस यात्रा को पूरा करते हैं।
हर वर्ष अमरनाथ यात्रा की शुरुआत आषाढ़ मास में होती है और इसका समापन श्रावण पूर्णिमा (रक्षाबंधन) के आसपास होता है। इस वर्ष यात्रा 3 जुलाई से प्रारंभ हो चुकी है।
