नई दिल्ली/रायपुर, 29 जून 2026
नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन में छत्तीसगढ़ की अभिनव मटेरियल बैंक मॉडल पहल को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत विकसित इस मॉडल की प्रशंसा करते हुए इसे ग्रामीण आवास निर्माण को गति देने वाला प्रभावी नवाचार बताया। सम्मेलन में उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने राज्य का प्रतिनिधित्व किया।
मटेरियल बैंक मॉडल के तहत स्व सहायता समूह की महिलाएं “डीलर दीदी” के रूप में कार्य कर रही हैं। इस पहल के माध्यम से दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के हितग्राहियों को निर्माण सामग्री एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जा रही है। इससे आवास निर्माण कार्य अधिक सुगम, तेज और किफायती हुआ है।
इस पहल से स्व सहायता समूह की महिलाओं की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्तमान में 10 हजार से अधिक दीदियां लखपति दीदी बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। इस मॉडल को महिला सशक्तिकरण, आजीविका संवर्धन और ग्रामीण आवास निर्माण के क्षेत्र में एक प्रभावी उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया गया।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने ग्रामीण विकास के क्षेत्र में नवाचार और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का उत्कृष्ट उदाहरण पेश किया है। उन्होंने आरसेटी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के तहत युवाओं को कौशल विकास, स्वरोजगार और आजीविका से जोड़ने के प्रयासों की भी सराहना की। उन्होंने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष में आरसेटी के माध्यम से देश में सबसे अधिक राजमिस्त्री प्रशिक्षण छत्तीसगढ़ में दिया गया, जो अन्य राज्यों के लिए प्रेरणादायक है।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ग्रामीण विकास, कौशल उन्नयन, स्वरोजगार और गरीब परिवारों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर मिली यह सराहना प्रदेश में जनकल्याणकारी योजनाओं, नवाचारों और उनके प्रभावी क्रियान्वयन का प्रमाण है तथा इससे राज्य को ग्रामीण विकास के क्षेत्र में और बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिलेगी।
