बिलासपुर, 9 जून 2026
छत्तीसगढ़ में पटवारियों से राजस्व निरीक्षक (RI) पद पर पदोन्नति के लिए आयोजित विभागीय परीक्षा को लेकर चल रहे विवाद में सफल अभ्यर्थियों को एक और बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए विशेष अनुमति याचिका (SLP) को खारिज कर दिया है।
इस फैसले के साथ ही छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की सिंगल बेंच और डिवीजन बेंच द्वारा परीक्षा निरस्त करने संबंधी दिए गए आदेशों पर सुप्रीम कोर्ट ने भी मुहर लगा दी है। इससे सफल अभ्यर्थियों को लगातार तीसरा न्यायिक झटका लगा है।
हाईकोर्ट के फैसले को दी गई थी चुनौती
जानकारी के अनुसार, धनंजय सिंह समेत अन्य अभ्यर्थियों ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट, बिलासपुर द्वारा 2 जनवरी 2026 और 10 अप्रैल 2026 को पारित आदेशों को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर की थी।
मामले की सुनवाई जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस संजीव सचदेवा की डिवीजन बेंच ने की। सुनवाई के बाद सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया कि वह हाईकोर्ट के फैसले में हस्तक्षेप करने का इच्छुक नहीं है और याचिका को खारिज कर दिया।
नई परीक्षा का रास्ता साफ
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब राज्य सरकार के लिए RI प्रमोशन परीक्षा दोबारा आयोजित करने का रास्ता साफ हो गया है। हालांकि अदालत ने अपील दाखिल करने में हुई देरी को माफ कर दिया, लेकिन मामले के मूल मुद्दे पर राहत देने से इनकार कर दिया।
इस निर्णय के बाद परीक्षा में सफल हुए अभ्यर्थियों की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है, जबकि राज्य सरकार को नई परीक्षा प्रक्रिया शुरू करने का कानूनी आधार मिल गया है।


