नवा रायपुर टेक्सटाइल पार्क को मिली पहली यूनिट, 235 करोड़ के निवेश से 4600 से अधिक रोजगार के अवसर

नवा रायपुर टेक्सटाइल पार्क को मिली पहली यूनिट, 235 करोड़ के निवेश से 4600 से अधिक रोजगार के अवसर

रायपुर, 26 जून 2026

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में नवा रायपुर को देश के प्रमुख टेक्सटाइल एवं गारमेंट निर्माण केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि टेक्सटाइल पार्क प्रदेश के युवाओं, विशेषकर महिलाओं के लिए स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार उपलब्ध कराने का मजबूत माध्यम बनेगा। राज्य सरकार निवेशकों को विश्वस्तरीय अधोसंरचना और सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए तेजी से कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री की पहल से नवा रायपुर टेक्सटाइल पार्क में पहली गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित होने जा रही है। 235 करोड़ रुपये के निवेश से बनने वाली इस यूनिट से 4600 से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। 25 जून को वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन तथा आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने इस परियोजना का भूमिपूजन किया। तमिलनाडु की स्विफ्ट टेक्सटाइल्स प्राइवेट लिमिटेड यहां किड्सवियर, निट गारमेंट्स और निर्यात-उन्मुख वस्त्रों का निर्माण करेगी।

81 एकड़ क्षेत्र में विकसित किए जा रहे इस टेक्सटाइल पार्क में टेक्सटाइल, गारमेंट, तकनीकी वस्त्र और सहायक उद्योगों के लिए आधुनिक अधोसंरचना तैयार की जा रही है। स्विफ्ट टेक्सटाइल्स, पुनीत क्रिएशन्स और दृष्टि डिजाइन्स एलएलपी को भूमि आवंटित की जा चुकी है। इन तीनों परियोजनाओं में करीब 445 करोड़ रुपये के निवेश से 11 हजार से अधिक रोजगार सृजित होने की संभावना है।

पार्क में डामरीकृत सड़कें, जल निकासी व्यवस्था, पावर सब-स्टेशन, जल प्रदाय प्रणाली, स्ट्रीट लाइट, प्रशासनिक भवन, व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स, इफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ETP), ठोस अपशिष्ट प्रबंधन क्षेत्र और कॉमन फैसिलिटी सेंटर जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। बेहतर कनेक्टिविटी और मजबूत लॉजिस्टिक्स व्यवस्था इसे उद्योगों के लिए आकर्षक निवेश केंद्र बना रही है।

राज्य सरकार की औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में टेक्सटाइल एवं रेडीमेड गारमेंट्स को थ्रस्ट सेक्टर के रूप में प्राथमिकता दी गई है। नीति के तहत महिला कर्मचारियों के लिए 6 हजार रुपये तथा पुरुष कर्मचारियों के लिए 5 हजार रुपये प्रतिमाह की रोजगार सहायता पांच वर्षों तक देने का प्रावधान है।

सरकार के अनुसार, नई औद्योगिक नीति के प्रभाव से पिछले 18 महीनों में प्रदेश को 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनसे 1.6 लाख से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। टेक्सटाइल के अलावा डेटा सेंटर, आईटी, फार्मास्यूटिकल्स, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्रों में भी निवेशकों की रुचि बढ़ी है।

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