जगदलपुर, 25 जून 2026।
यदि आपके मोबाइल पर ई-चालान जमा करने के नाम पर कोई लिंक भेजा गया है, तो उस पर क्लिक करने से पहले एक बार जरूर सोचिए। यह लिंक साइबर अपराधियों का जाल भी हो सकता है। बढ़ते ऑनलाइन ठगी के मामलों को देखते हुए बस्तर परिवहन विभाग ने वाहन चालकों और आम नागरिकों के लिए विशेष चेतावनी जारी करते हुए लोगों से केवल आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ही ई-चालान की जांच और भुगतान करने की अपील की है।
क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ने बताया कि इन दिनों साइबर ठग एसएमएस, व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए फर्जी ई-चालान के लिंक भेज रहे हैं। ये लिंक देखने में बिल्कुल सरकारी वेबसाइट जैसे लगते हैं, लेकिन इनका उद्देश्य लोगों की बैंकिंग जानकारी, यूपीआई विवरण और कार्ड संबंधी जानकारी चुराकर धोखाधड़ी करना होता है।
परिवहन विभाग के अनुसार, ऐसे फर्जी संदेश प्रायः अज्ञात मोबाइल नंबरों से भेजे जाते हैं। इनमें उपयोग किए गए वेबसाइट लिंक भी संदिग्ध होते हैं और इनमें सरकारी .gov.in डोमेन के बजाय .xyz, .click, .live जैसे अन्य डोमेन दिखाई देते हैं। कई संदेशों में लोगों को तुरंत भुगतान नहीं करने पर कानूनी कार्रवाई या वाहन जब्त करने जैसी धमकियां देकर मानसिक दबाव बनाया जाता है। लिंक खोलने पर कार्ड नंबर, सीवीवी, ओटीपी या यूपीआई पिन जैसी गोपनीय जानकारी मांगी जाती है। कुछ मामलों में मोबाइल में एपीके फाइल या ऐप डाउनलोड करने के लिए भी कहा जाता है, जो वास्तव में खतरनाक मालवेयर साबित हो सकता है।
परिवहन विभाग ने नागरिकों से स्पष्ट रूप से कहा है कि ई-चालान से संबंधित किसी भी जानकारी या भुगतान के लिए केवल आधिकारिक पोर्टल https://echallan.parivahan.gov.in अथवा राज्य पुलिस और परिवहन विभाग की अधिकृत वेबसाइट या ऐप का ही उपयोग करें। किसी भी स्थिति में ओटीपी, कार्ड नंबर, सीवीवी या यूपीआई पिन किसी अज्ञात व्यक्ति के साथ साझा न करें और संदिग्ध लिंक मिलने पर उसे तुरंत डिलीट कर दें।
यदि कोई व्यक्ति इस प्रकार की साइबर ठगी का शिकार हो जाता है, तो उसे बिना देर किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए या राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत करनी चाहिए।



