जगदलपुर, 25 जून 2026।
बस्तर जिले में सड़क सुरक्षा और सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। अब खेतों में उपयोग होने वाले लोहे के केजव्हील (आयरन केज व्हील) लगे ट्रैक्टर यदि डामर, सीमेंट की सड़कों या राष्ट्रीय राजमार्गों पर चलते पाए गए, तो उनके खिलाफ तत्काल चालानी और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में कलेक्टर आकाश छिकारा ने संबंधित विभागों को सख्त निर्देश जारी किए हैं।
प्रशासन के अनुसार, यह कार्रवाई उच्च न्यायालय बिलासपुर के निर्देशों तथा लोक निर्माण विभाग की ओर से जारी आदेशों के पालन में की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि खेतों में जुताई के लिए लगाए जाने वाले लोहे के पहिए केवल कृषि कार्य तक ही सीमित रहने चाहिए, लेकिन कई ट्रैक्टर चालक इन्हें हटाए बिना ही मुख्य सड़कों पर वाहन दौड़ाते हैं। इससे सड़कें तेजी से क्षतिग्रस्त होती हैं और हादसों की आशंका भी बढ़ जाती है।
लोक निर्माण विभाग और परिवहन विभाग के मुताबिक, लोहे के नुकीले पहिए डामर और सीमेंट की सड़कों को गहरी क्षति पहुंचाते हैं। इसके कारण सरकारी संपत्ति को आर्थिक नुकसान होता है, वहीं सड़क पर चलने वाले अन्य वाहनों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ जाती है। यह मोटर वाहन अधिनियम के नियमों का उल्लंघन भी है।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिलेभर में विशेष अभियान चलाकर ऐसे ट्रैक्टरों की जांच की जाए। जहां भी नियमों का उल्लंघन मिलेगा, वहां बिना किसी ढिलाई के जुर्माना और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा, ताकि किसान और ट्रैक्टर चालक नियमों की जानकारी प्राप्त कर सकें और उनका पालन करें।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खेत से बाहर निकलते समय ट्रैक्टरों से लोहे के केजव्हील हटाकर रबर के टायर लगाना अनिवार्य होगा। यदि कोई ट्रैक्टर लोहे के पहियों के साथ सड़क पर चलता मिला, तो उसके खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन ने किसानों और वाहन मालिकों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें, सार्वजनिक सड़कों की सुरक्षा में सहयोग दें और सुरक्षित यातायात व्यवस्था बनाए रखने में अपनी जिम्मेदारी निभाएं।



