जगदलपुर, 24 जून 2026। बस्तर संभाग के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित स्वास्थ्य संस्थानों में शामिल महारानी जिला अस्पताल का मंगलवार को कलेक्टर आकाश छिकारा ने सघन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लेने के साथ मरीजों और उनके परिजनों से सीधे संवाद कर स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति जानी। कलेक्टर ने अस्पताल के डॉक्टरों, अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि महारानी अस्पताल का गौरवशाली इतिहास रहा है और यहां कार्यरत प्रत्येक कर्मचारी की जिम्मेदारी है कि वह इस प्रतिष्ठा के अनुरूप संवेदनशीलता, समर्पण और सेवा भाव के साथ कार्य करे।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने अस्पताल के आपातकालीन कक्ष, हेल्प डेस्क, आयुष्मान कक्ष, ओपीडी पंजीयन केंद्र, दवा वितरण कक्ष और ईसीजी यूनिट सहित विभिन्न विभागों का निरीक्षण किया। इसके अलावा उन्होंने आईसीयू, सर्जिकल आईसीयू, ऑपरेशन थिएटर, एक्स-रे कक्ष, डायलिसिस यूनिट और बर्न एवं ट्रॉमा सेंटर की व्यवस्थाओं को भी परखा।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कादम्बिनी मातृ-शिशु देखभाल केंद्र, प्रसव पूर्व और प्रसव पश्चात वार्ड, प्रसूति ऑपरेशन थिएटर, शिशु रोग विभाग तथा नवजात एवं शिशु गहन चिकित्सा इकाई का निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं, उपकरणों और उपचार व्यवस्था की जानकारी लेते हुए आवश्यक सुधार के निर्देश भी दिए।
निरीक्षण का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा वह रहा जब कलेक्टर सीधे मरीजों और उनके परिजनों के बीच पहुंचे। उन्होंने भर्ती मरीजों से उपचार की गुणवत्ता, डॉक्टरों की उपलब्धता, दवाओं की निःशुल्क आपूर्ति और अस्पताल स्टाफ के व्यवहार के बारे में जानकारी ली। मरीजों से प्राप्त फीडबैक के आधार पर उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
ओपीडी में बढ़ती भीड़ को देखते हुए कलेक्टर ने मरीजों के लिए टोकन व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पंजीयन के समय मरीजों को क्रम संख्या दी जाए, बैठने की पर्याप्त व्यवस्था हो और नंबर के अनुसार ही मरीजों को डॉक्टरों के कक्ष में भेजा जाए, ताकि अनावश्यक भीड़ और अव्यवस्था से बचा जा सके।
नेत्र रोग विभाग के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने दृष्टिदोष से पीड़ित चिन्हांकित लोगों का समयबद्ध उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे सभी मरीजों को उपचार का लाभ दिलाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए ताकि कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति इलाज से वंचित न रहे।
कलेक्टर ने अस्पताल को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) के अनुरूप विकसित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक तैयारियां पूरी कर शीघ्र गुणवत्ता प्रमाणन (सर्टिफिकेशन) के लिए आवेदन करने के निर्देश दिए, ताकि अस्पताल की सेवाओं को राष्ट्रीय स्तर की गुणवत्ता के अनुरूप बनाया जा सके।
निरीक्षण के दौरान सहायक कलेक्टर यशवंत नायक, सिविल सर्जन डॉ. संजय प्रसाद, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय बसाक, जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. रीना लक्ष्मी, अस्पताल सलाहकार डॉ. एन.के. ओझा सहित अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक और अधिकारी मौजूद रहे।
कलेक्टर के इस निरीक्षण को महारानी अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने और मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। बस्तर के लाखों लोगों की स्वास्थ्य जरूरतों का केंद्र रहे इस अस्पताल में अब व्यवस्थाओं को और अधिक आधुनिक, पारदर्शी और मरीज-केंद्रित बनाने पर जोर दिया जा रहा है।



