‘राख’ रिव्यू: रंगा-बिल्ला केस की खौफनाक परतें खोलती है अली फजल की क्राइम थ्रिलर

‘राख’ रिव्यू: रंगा-बिल्ला केस की खौफनाक परतें खोलती है अली फजल की क्राइम थ्रिलर

एंटरटेनमेंट डेस्क, 12 जून 2026

अली फजल और सोनाली बेंद्रे स्टारर क्राइम थ्रिलर वेब सीरीज ‘राख’ ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज हो चुकी है। यह सीरीज 1978 के कुख्यात रंगा-बिल्ला केस से प्रेरित है, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। सात एपिसोड की यह सीरीज अपराध, जांच और न्याय की तलाश की कहानी को प्रभावशाली ढंग से पेश करती है।

कहानी में दिखी अपराध और जांच की परतें

सीरीज की शुरुआत एक हाई-प्रोफाइल परिवार के दो बच्चों के अचानक लापता होने से होती है। इसके बाद पुलिस जांच शुरू होती है और समानांतर रूप से दो अपराधियों की कहानी आगे बढ़ती है। कहानी जैसे-जैसे आगे बढ़ती है, अपराध की भयावहता और जांच की जटिलताएं सामने आती जाती हैं।

अली फजल ने निभाया दमदार किरदार

सीरीज में अली फजल ने सब इंस्पेक्टर जयप्रकाश जाटव की भूमिका निभाई है। उन्होंने एक ऐसे पुलिस अधिकारी का किरदार निभाया है जो अपने पेशेवर कर्तव्यों के साथ निजी संघर्षों से भी जूझ रहा है। वहीं सोनाली बेंद्रे और आमिर बशीर ने भी अपने किरदारों के साथ न्याय किया है।

निर्देशन और स्टोरीटेलिंग बनी मजबूत कड़ी

निर्देशक प्रोसित रॉय ने 1970 के दशक के भारत को बारीकी से पर्दे पर उतारने का प्रयास किया है। उस दौर के माहौल, वेशभूषा, तकनीक और सामाजिक परिवेश को वास्तविकता के करीब दिखाया गया है। समानांतर कहानी और जांच की प्रक्रिया दर्शकों को अंत तक जोड़े रखती है।

क्या हैं कमियां?

सीरीज में सोनाली बेंद्रे और राकेश बेदी को अपेक्षाकृत कम स्क्रीन टाइम मिला है। कुछ हिस्सों में कहानी की रफ्तार धीमी महसूस हो सकती है। साथ ही पीड़ित परिवार के भावनात्मक पक्ष को और विस्तार से दिखाया जा सकता था।

देखें या नहीं?

यदि आपको इन्वेस्टिगेटिव क्राइम थ्रिलर, सच्ची घटनाओं पर आधारित कहानियां और अपराध जांच से जुड़ी वेब सीरीज पसंद हैं, तो ‘राख’ आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती है। दमदार अभिनय और प्रभावशाली क्लाइमैक्स इसे देखने लायक बनाते हैं।

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