रायपुर। छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में मंत्रोच्चार को लेकर जारी विवाद के बीच स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा जारी आदेश पर कोई बदलाव नहीं किया गया है और सरकारी स्कूलों में मंत्रोच्चार फिलहाल निर्बाध रूप से जारी रहेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मामले में हाईकोर्ट का जो भी निर्णय आएगा, सरकार उसी के अनुरूप आगे की कार्रवाई करेगी।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ संस्कार भी देना है। इसी सोच के तहत स्कूलों में मंत्रोच्चार कराने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस फैसले के खिलाफ कांग्रेस, आदिवासी संगठनों और ईसाई संस्थाओं की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है।
उन्होंने कहा कि सरकार अपने निर्णय पर पूरी तरह कायम है और फिलहाल सभी सरकारी स्कूलों में पूर्व आदेश के अनुसार मंत्रोच्चार जारी रहेगा। यदि अदालत कोई निर्देश देती है तो सरकार उसका सम्मान करते हुए आवश्यक कदम उठाएगी।
इस दौरान शिक्षा मंत्री ने रिटायर्ड शिक्षकों को पुनर्नियुक्ति के फैसले पर भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शिक्षा सत्र 2026-27 के दौरान सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षक पूरे शैक्षणिक सत्र की समाप्ति तक विद्यालयों में अपनी सेवाएं दे सकेंगे। इससे छात्रों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी और शिक्षण व्यवस्था में निरंतरता बनी रहेगी।
उन्होंने कहा कि यदि कोई शिक्षक व्यक्तिगत कारणों से सत्र पूरा नहीं करना चाहता तो यह उसका निर्णय होगा, लेकिन अधिकांश शिक्षक छात्रों के हित में सत्र पूरा करने के पक्ष में रहते हैं। सरकार का यह फैसला विद्यार्थियों के शैक्षणिक हितों को ध्यान में रखकर लिया गया है।
