लाइफस्टाइल डेस्क ,27 जून 2026
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में स्वस्थ जीवनशैली अपनाना पहले से कहीं अधिक जरूरी हो गया है। सिर्फ पौष्टिक भोजन करना ही काफी नहीं, बल्कि उसे सही तरीके से पकाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य से स्वास्थ्य मंत्रालय ने लोगों को स्मार्ट कुकिंग की आदत अपनाने की सलाह दी है, जिससे भोजन अधिक पौष्टिक और स्वास्थ्यवर्धक बन सके।
मंत्रालय के अनुसार, खाना बनाते समय तेल का सीमित उपयोग करना बेहद जरूरी है। बिना माप के तेल डालने की बजाय हमेशा चम्मच से मापकर तेल का इस्तेमाल करना चाहिए। इससे भोजन में वसा की मात्रा नियंत्रित रहती है और मोटापा, उच्च रक्तचाप तथा कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्याओं का खतरा कम हो सकता है।
विशेषज्ञों ने तले हुए खाद्य पदार्थों जैसे समोसा, पकौड़े, चिप्स और पूड़ी का नियमित सेवन करने से बचने की सलाह दी है। इन खाद्य पदार्थों में अधिक मात्रा में वसा और कैलोरी होती है, जिससे मधुमेह, हृदय रोग और मोटापे का जोखिम बढ़ सकता है। ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन केवल कभी-कभार और सीमित मात्रा में करना बेहतर माना जाता है।
रोजमर्रा के भोजन में ताजे फल, हरी सब्जियां, दालें और साबुत अनाज को शामिल करने की सलाह दी गई है। संतुलित आहार शरीर को आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करता है, रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करता है और लंबे समय तक शरीर को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है।
स्मार्ट कुकिंग के तहत भाप में पकाना, उबालना, ग्रिल करना और हल्का भूनना अधिक स्वास्थ्यवर्धक विकल्प माने गए हैं। इन तरीकों से भोजन में मौजूद विटामिन और खनिज अधिक सुरक्षित रहते हैं तथा कम तेल में स्वादिष्ट भोजन तैयार किया जा सकता है। इसके अलावा भोजन में नमक और चीनी की मात्रा भी सीमित रखने की सलाह दी गई है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि घर का ताजा भोजन बाहर के जंक फूड की तुलना में अधिक सुरक्षित और पौष्टिक होता है। यदि लोग अपनी दिनचर्या में छोटे-छोटे बदलाव कर स्मार्ट कुकिंग की आदत अपनाएं, तो वे कई गंभीर बीमारियों से बचते हुए लंबे समय तक स्वस्थ जीवन जी सकते हैं।


