नारायणपुर, 8 जुलाई 2026। अबूझमाड़ के दुर्गम जंगलों में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। 53वीं वाहिनी आईटीबीपी और छत्तीसगढ़ पुलिस की संयुक्त टीम ने भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद की है। बरामद सामान में 15 किलोग्राम वजनी प्रेशर कुकर आईईडी, देसी रॉकेट लॉन्चर, मोर्टार राउंड सहित अन्य विस्फोटक सामग्री शामिल है। बम निरोधक दस्ते (BDDS) ने मौके पर ही आईईडी को नियंत्रित विस्फोट के जरिए सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया, जिससे एक संभावित बड़ा हादसा टल गया।
जानकारी के अनुसार, 31 मार्च 2026 को बस्तर में नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज होने के बावजूद अबूझमाड़ के घने जंगलों में नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखे गए हथियार और विस्फोटक सुरक्षा एजेंसियों के लिए अब भी बड़ी चुनौती बने हुए हैं। इन्हीं खतरों को समाप्त करने के उद्देश्य से लगातार सघन नक्सल विरोधी अभियान चलाए जा रहे हैं।
खुफिया सूचना के आधार पर 53वीं वाहिनी आईटीबीपी के कमांडेंट संजय कुमार के मार्गदर्शन में 7 जुलाई की सुबह अड़िंगपार कैंप से ग्राम एडसमेटा और आसपास के जंगलों की ओर विशेष एरिया डोमिनेशन पेट्रोलिंग (ADP) अभियान शुरू किया गया। सहायक कमांडेंट (जीडी) आजाद सिंह के नेतृत्व में चले इस संयुक्त अभियान में आईटीबीपी के 34 जवान, छत्तीसगढ़ पुलिस का एक प्रतिनिधि तथा पांच सदस्यीय बम निरोधक दस्ता शामिल था।
सुबह करीब पांच बजे शुरू हुई सर्चिंग के दौरान जवानों को नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखा गया हथियारों और विस्फोटकों का बड़ा डंप मिला। सबसे खतरनाक बरामदगी 15 किलोग्राम वजनी प्रेशर कुकर आईईडी रही, जिसे सुरक्षा बलों को भारी नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से तैयार किया गया था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बम निरोधक दस्ते ने सभी सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए नियंत्रित विस्फोट के माध्यम से आईईडी को मौके पर ही निष्क्रिय कर दिया।
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि अबूझमाड़ क्षेत्र में लगातार चलाए जा रहे ऐसे अभियान नक्सलियों के हथियारों के नेटवर्क को कमजोर करने के साथ-साथ क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

