18 जुलाई को जगदलपुर में लगेगी स्पेशल लोक अदालत, चेक बाउंस के मामलों का होगा त्वरित निपटारा

जगदलपुर 29JUNE2026जिला न्यायालय परिसर, जगदलपुर में 18 जुलाई 2026 को धारा 138 परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 (एनआई एक्ट) से संबंधित मामलों के त्वरित निराकरण के लिए स्पेशल लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA), नई दिल्ली तथा छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के निर्देशानुसार किया जा रहा है।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह विशेष लोक अदालत प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष गोविंद नारायण जांगड़े के मार्गदर्शन एवं व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी एवं सचिव अंकिता कश्यप के निर्देशन में आयोजित होगी।

लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य न्यायालयों में लंबित चेक बाउंस (धारा 138 एनआई एक्ट) के मामलों का आपसी सहमति से शीघ्र और सरल समाधान कराना है। इसमें परिवादी और आरोपी दोनों पक्षों को समझौते के माध्यम से विवाद समाप्त करने का अवसर मिलेगा। लोक अदालत में पारित निर्णय अंतिम और बाध्यकारी होगा तथा इसके विरुद्ध किसी भी न्यायालय में अपील का प्रावधान नहीं रहेगा।

इस विशेष लोक अदालत में केवल न्यायालय में लंबित प्रकरण ही नहीं, बल्कि प्री-लिटिगेशन (वाद पूर्व) मामलों का भी निराकरण किया जाएगा। ऐसे मामलों में न्यायालय में केस दर्ज होने से पहले ही संबंधित पक्षों के बीच आपसी सहमति के आधार पर विवाद का समाधान कराया जाएगा। इच्छुक व्यक्ति एवं संस्थाएं अपने चेक बाउंस अथवा अन्य पात्र प्री-लिटिगेशन प्रकरण जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जगदलपुर में प्रस्तुत कर लोक अदालत का लाभ उठा सकते हैं।

प्राधिकरण ने बताया कि इस अवसर पर बैंक प्रतिनिधियों, अधिवक्ताओं और संबंधित पक्षकारों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी, जिससे मामलों का प्रभावी और त्वरित निराकरण हो सके। साथ ही प्रकरणों के पूर्व समन्वय के लिए संबंधित पक्षों से अग्रिम संपर्क कर समझौते की प्रक्रिया भी पूरी की जाएगी।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने आम नागरिकों, अधिवक्ताओं और संबंधित पक्षकारों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस स्पेशल लोक अदालत में भाग लेकर अपने लंबित मामलों का शीघ्र, सरल और कम खर्च में निराकरण कराएं। इससे न केवल समय और धन की बचत होगी, बल्कि आपसी संबंधों को बनाए रखते हुए विवादों का सौहार्दपूर्ण समाधान भी संभव हो सकेगा।

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