जीवनदीप समिति की बैठक में बड़ा फैसला, नए भवन का होगा निर्माण; गायनी वार्ड, एनआरसी और मेडिकल रिकॉर्ड सेक्शन का भी होगा विस्तार, मरीजों को अब डिमरापाल तक नहीं लगाना पड़ेगा चक्कर
जगदलपुर, 3 जुलाई। बस्तर संभाग के सबसे प्रमुख सरकारी अस्पतालों में शामिल महारानी जिला चिकित्सालय अब आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ाने जा रहा है। लंबे समय से अस्पताल में बेहतर सुविधाओं की मांग के बीच अब इसके विस्तार और उन्नयन को मंजूरी मिल गई है। कलेक्टर की अध्यक्षता में आयोजित जीवनदीप समिति की बैठक में अस्पताल को नई पहचान देने वाले कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर सहमति बनी।
बैठक में महारानी अस्पताल परिसर में कैंसर यूनिट, पैलिएटिव केयर यूनिट और अत्याधुनिक डायलिसिस यूनिट के लिए नए भवन के निर्माण का निर्णय लिया गया। नए भवन में मरीजों को आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे गंभीर बीमारियों का इलाज पहले से कहीं अधिक बेहतर ढंग से हो सकेगा।
इसके साथ ही अस्पताल के गायनी विभाग में 20 बिस्तरों वाले नए वार्ड, मेडिकल रिकॉर्ड सेक्शन तथा पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) के विस्तार को भी मंजूरी दी गई है। अस्पताल के पुराने और जर्जर वार्डों की मरम्मत तथा आवश्यक सुधार कार्य भी किए जाएंगे, ताकि मरीजों को सुरक्षित और बेहतर वातावरण मिल सके।
जीवनदीप समिति ने अस्पताल के विभिन्न विभागों में आवश्यकता के अनुसार नए और आधुनिक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराने का भी निर्णय लिया है। इससे जांच और उपचार की गुणवत्ता में सुधार होगा तथा मरीजों को एक ही परिसर में अधिक से अधिक स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।
इन फैसलों के बाद उम्मीद की जा रही है कि महारानी जिला चिकित्सालय बस्तर अंचल में आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा। सबसे बड़ी राहत यह होगी कि कैंसर, डायलिसिस और अन्य विशेष उपचार के लिए बड़ी संख्या में मरीजों को अब लगभग 10 किलोमीटर दूर डिमरापाल मेडिकल कॉलेज का रुख नहीं करना पड़ेगा। इससे समय, धन और परेशानी—तीनों की बचत होगी और स्थानीय लोगों को अपने शहर में ही बेहतर इलाज उपलब्ध हो सकेगा।

