नई दिल्ली, 30 जून 2026
राज्यसभा में नवनिर्वाचित सदस्यों के शपथ ग्रहण के बाद एनडीए (NDA) की स्थिति और मजबूत हो गई है। 245 सदस्यीय राज्यसभा में अब बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए के पास 141 सदस्य हैं, जिससे गठबंधन दो-तिहाई बहुमत के काफी करीब पहुंच गया है।
संसदीय गणित के अनुसार, यदि 10 मनोनीत और निर्दलीय सांसदों का समर्थन एनडीए को मिल जाता है तो उसकी संख्या 151 तक पहुंच सकती है। वहीं, दो-तिहाई बहुमत के लिए 164 सदस्यों की आवश्यकता होती है।
इस समीकरण में बीजू जनता दल (BJD) और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) की भूमिका अहम मानी जा रही है। राज्यसभा में BJD के 5 और YSRCP के 4 सांसद हैं। इन दोनों दलों ने पहले भी कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर केंद्र सरकार का समर्थन किया है। यदि दोनों दलों का सहयोग मिलता है तो एनडीए की संख्या 160 तक पहुंच सकती है, जो दो-तिहाई बहुमत के बेहद करीब होगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्यसभा में बढ़ती संख्या सरकार के लिए महत्वपूर्ण विधेयकों और संवैधानिक संशोधनों को आगे बढ़ाने में मददगार साबित हो सकती है। हालांकि, लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत का आंकड़ा अभी भी चुनौती बना हुआ है, क्योंकि वहां आवश्यक संख्या तक पहुंचने के लिए एनडीए को अभी अतिरिक्त समर्थन की जरूरत होगी।
राज्यसभा में मजबूत होती स्थिति के बावजूद सरकार की रणनीति अब दोनों सदनों में आवश्यक समर्थन जुटाने पर केंद्रित रहेगी, ताकि भविष्य के प्रमुख विधायी एजेंडे को आसानी से आगे बढ़ाया जा सके।
