छत्तीसगढ़ में सेफ्टी पर सख्ती: CM विष्णुदेव साय ने दिए स्पेशल ऑडिट के निर्देश, नियम तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई

छत्तीसगढ़ में सेफ्टी पर सख्ती: CM विष्णुदेव साय ने दिए स्पेशल ऑडिट के निर्देश, नियम तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई

रायपुर, 25 जून 2026

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने राज्य में जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बहुमंजिला आवासीय परिसरों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, कोचिंग संस्थानों, होटलों और अन्य सार्वजनिक उपयोग के भवनों की सुरक्षा व्यवस्था का विशेष ऑडिट कराने के निर्देश दिए हैं। हाल के दिनों में देश के विभिन्न हिस्सों में हुई अग्नि दुर्घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने सुरक्षा मानकों के कड़ाई से पालन पर जोर दिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिकों, विद्यार्थियों और आमजन की सुरक्षा से जुड़ा कोई भी विषय शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले संस्थानों और प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर मुख्य सचिव विकास शील ने राज्य के सभी संभागीय आयुक्तों, जिला कलेक्टरों, नगर निगम आयुक्तों, मुख्य नगरपालिका अधिकारियों, अग्निशमन विभाग और संबंधित विभागों को विशेष निरीक्षण अभियान चलाने के निर्देश जारी किए हैं।

इस अभियान के तहत बहुमंजिला आवासीय भवनों, कोचिंग सेंटरों, ट्यूशन कक्षाओं, होटल, लॉज, मॉल, व्यावसायिक परिसरों और अन्य सार्वजनिक भवनों की सुरक्षा व्यवस्थाओं का विस्तृत परीक्षण किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना शासन की जिम्मेदारी है, इसलिए सभी संस्थानों में निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य रूप से कराया जाए।

निरीक्षण के दौरान फायर सेफ्टी उपकरणों की उपलब्धता, वैध फायर एनओसी, आपातकालीन निकास मार्ग, भवन की संरचनात्मक सुरक्षा, विद्युत वायरिंग की स्थिति, सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था, प्राथमिक उपचार सुविधा, पेयजल एवं स्वच्छता व्यवस्था सहित अन्य सुरक्षा मानकों की जांच की जाएगी। इसके अलावा भवन की क्षमता के अनुरूप लोगों की संख्या, पार्किंग व्यवस्था तथा आपदा की स्थिति में निकासी एवं राहत प्रबंधन की तैयारियों का भी परीक्षण किया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने निर्देश दिए हैं कि निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों के संबंध में संबंधित संस्थानों को आवश्यक सुधार के निर्देश दिए जाएं और गंभीर अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

administrator

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *