लखनऊ, 23 जून 2026
राजधानी लखनऊ के अलीगंज में हुए भीषण कोचिंग अग्निकांड ने एक बार फिर शहर में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह हादसा उन कई बड़े अग्निकांडों की याद दिलाता है, जिनमें सुरक्षा मानकों की अनदेखी और लापरवाही के चलते लोगों ने अपनी जान गंवाई।
होटल आग हादसे में गई थीं सात जानें
19 जून 2018 को चारबाग रेलवे स्टेशन के पास स्थित होटल एसएसजे इंटरनेशनल में एसी में शॉर्ट-सर्किट से आग लग गई थी। आग तेजी से फैलकर पास के होटल विराट तक पहुंच गई। सुरक्षा इंतजामों की कमी के कारण धुएं और आग की चपेट में आने से सात लोगों की मौत हो गई थी।

विकासनगर झुग्गी बस्ती में मचा था कहर
15 अप्रैल 2026 को विकासनगर सेक्टर-11 की अवैध झुग्गी बस्ती में आग लग गई। झुग्गियों में रखे 50 से अधिक एलपीजी सिलेंडरों में विस्फोट होने से आग और भयावह हो गई। हादसे में दो बच्चों की मौत हुई और एक हजार से अधिक लोग बेघर हो गए।

पटाखा फैक्ट्री विस्फोट में गई युवती की जान
15 जून 2026 को नगराम के देवती गांव स्थित एक पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट हो गया। हादसे में फैक्ट्री मालिक की भांजी मारिया की मौत हो गई, जबकि एक किशोर गंभीर रूप से घायल हुआ। घटना के बाद सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर मामला दर्ज किया गया।
लेवाना सुइट्स होटल अग्निकांड ने झकझोरा था शहर
5 सितंबर 2022 को हजरतगंज स्थित होटल लेवाना सुइट्स में भीषण आग लग गई थी। होटल में आपातकालीन निकास नहीं था और खिड़कियों पर ग्रिल लगी हुई थीं, जिससे लोग अंदर फंस गए। दम घुटने और झुलसने से चार लोगों की मौत हो गई थी।
मेडिसिन मार्केट में करोड़ों की दवाइयां हुईं राख
26 मार्च 2015 को अमीनाबाद की मेडिसिन मार्केट में शॉर्ट-सर्किट से आग लग गई। संकरी गलियों के कारण दमकल वाहनों को मौके तक पहुंचने में कठिनाई हुई। आग में 50 से अधिक दुकानें और करोड़ों रुपये की दवाइयां जलकर खाक हो गईं।
चलती स्लीपर बस में लगी आग, पांच यात्रियों की मौत
15 मई 2025 को दिल्ली से बिहार जा रही एक स्लीपर बस में लखनऊ बाईपास के पास अचानक आग लग गई। बस में क्षमता से अधिक यात्री सवार थे। आग तेजी से फैलने से पांच यात्रियों की मौत हो गई, जबकि कई लोगों ने खिड़कियों से कूदकर अपनी जान बचाई।
अलीगंज कोचिंग अग्निकांड के बाद बढ़ी चिंता
ताजा अलीगंज कोचिंग अग्निकांड ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर सुरक्षा मानकों की अनदेखी कब तक लोगों की जान लेती रहेगी। लगातार हो रहे हादसे बताते हैं कि अग्नि सुरक्षा नियमों के पालन और नियमित जांच की सख्त जरूरत है।


