नई दिल्ली , 4 जून 2026
वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता और होर्मुज क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज से मुलाकात की। बैठक में भारत और वेनेजुएला के बीच ऊर्जा सहयोग बढ़ाने, तेल आपूर्ति मजबूत करने और निवेश के नए अवसरों पर चर्चा की गई।
सूत्रों के अनुसार, दोनों देशों के बीच जल्द ही तेल आपूर्ति से जुड़ा महत्वपूर्ण समझौता हो सकता है, जिससे भारत को सस्ती दरों पर कच्चे तेल की उपलब्धता बढ़ने की संभावना है।
भारत का तीसरा सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता बना वेनेजुएला
एनर्जी एनालिटिक्स फर्म केप्लर की रिपोर्ट के मुताबिक, मई 2026 में वेनेजुएला भारत का तीसरा सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता बनकर उभरा है। इस दौरान उसने सऊदी अरब और अमेरिका को पीछे छोड़ दिया। भारत को सबसे अधिक तेल रूस और यूएई से मिला।
रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल की तुलना में मई महीने में भारत को वेनेजुएला से होने वाली तेल आपूर्ति में लगभग 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार
करीब 303 अरब बैरल तेल भंडार के साथ वेनेजुएला दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार वाले देशों में शामिल है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों और पश्चिम एशिया में जारी अस्थिरता के बीच वेनेजुएला एक महत्वपूर्ण ऊर्जा साझेदार बन सकता है।
भारतीय रिफाइनरियों को होगा फायदा
वेनेजुएला का कच्चा तेल भारी और उच्च सल्फर युक्त माना जाता है, लेकिन भारत की आधुनिक रिफाइनरियां इसे डीजल, जेट फ्यूल और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों में कुशलतापूर्वक बदल सकती हैं। कम कीमत के कारण यह भारतीय तेल कंपनियों के लिए आर्थिक रूप से भी लाभदायक साबित हो सकता है।
निवेश बढ़ाने पर भी चर्चा
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि वेनेजुएला भारत का एक महत्वपूर्ण ऊर्जा साझेदार है। भारतीय सरकारी तेल कंपनियों का वहां पहले से निवेश है और भविष्य में ऊर्जा क्षेत्र में निवेश बढ़ाने की संभावनाओं पर भी विचार किया जा रहा है।
गौरतलब है कि डेल्सी रोड्रिगेज की यह भारत की छठी यात्रा है। इससे पहले वह इंडिया एनर्जी वीक 2025 में भी शामिल हुई थीं, जहां दोनों देशों के बीच ऊर्जा सहयोग को लेकर अहम चर्चा हुई थी।
