नई दिल्ली, 1 जून 2026
भारत और ओमान के बीच व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौता (CEPA) सोमवार से लागू हो गया है। इस समझौते के लागू होने के साथ ही दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और रोजगार के नए अवसर खुलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारतीय निर्यात को बड़ा बढ़ावा मिलेगा और कई क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
दोनों देशों ने इस समझौते पर 18 दिसंबर 2025 को हस्ताक्षर किए थे। समझौते के पहले ही दिन भारत के विभिन्न बंदरगाहों से शून्य शुल्क पर 10 निर्यात खेप ओमान के लिए रवाना की गईं। अमेरिका के बाद ओमान के साथ इस तरह का व्यापक व्यापार समझौता करने वाला भारत दूसरा देश बन गया है।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि यह समझौता भारत को खाड़ी देशों और पूर्वी अफ्रीका के बाजारों तक बेहतर पहुंच दिलाने में मदद करेगा। उन्होंने बताया कि कृषि, एमएसएमई और युवाओं को इसका विशेष लाभ मिलेगा।
पेट्रोलियम और गैस आपूर्ति में बढ़ोतरी
समझौते के तहत ओमान से भारत को पेट्रोलियम उत्पादों और गैस की आपूर्ति पहले की तुलना में अधिक मात्रा में हो सकेगी। हालांकि डेयरी और संवेदनशील कृषि उत्पादों को इस समझौते से बाहर रखा गया है।
99 प्रतिशत भारतीय उत्पादों पर नहीं लगेगा शुल्क
अब भारत के 99 प्रतिशत उत्पाद ओमान में बिना किसी आयात शुल्क के भेजे जा सकेंगे। इससे भारतीय निर्यातकों को बड़ा लाभ मिलेगा और प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।
दवाएं, इलेक्ट्रॉनिक्स और जेम्स-ज्वेलरी को मिलेगा लाभ
इस समझौते से इंजीनियरिंग गुड्स, जेम्स एवं ज्वेलरी, गारमेंट्स, लेदर उत्पाद, इलेक्ट्रॉनिक्स, जेनेरिक दवाएं और समुद्री उत्पादों के निर्यात को विशेष फायदा मिलने की उम्मीद है।
सरकार के अनुसार, अमेरिका और ब्रिटेन में मंजूरी प्राप्त भारतीय जेनेरिक दवाएं अब अगले 90 दिनों के भीतर ओमान में शून्य शुल्क पर निर्यात की जा सकेंगी। समझौते के पहले दिन ही 12 करोड़ डॉलर मूल्य के जेम्स एवं ज्वेलरी उत्पादों का निर्यात किया गया।
कृषि क्षेत्र को भी मिलेगा बड़ा लाभ
मधु, काजू, बासमती चावल, मक्खन, बिस्कुट, आम, आलू और प्याज जैसे कृषि उत्पाद अब बिना शुल्क के ओमान भेजे जा सकेंगे। इससे उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, महाराष्ट्र, गुजरात, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे राज्यों के किसानों और कृषि निर्यातकों को लाभ मिलने की संभावना है।
भारतीय पेशेवरों के लिए खुलेंगे रोजगार के अवसर
समझौते में 127 प्रकार की सेवाओं को शामिल किया गया है। इसके तहत आईटी विशेषज्ञ, इंजीनियर, हेल्थकेयर कर्मचारी, शिक्षक, वित्तीय विशेषज्ञ, संचार और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े पेशेवरों को ओमान में रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
इसके अलावा ओमान में निवेश करने वाली भारतीय कंपनियों में भारतीय युवाओं को नौकरी में प्राथमिकता देने का भी प्रावधान किया गया है।
ओमान में लंबे समय तक काम करने की सुविधा
व्यापारिक उद्देश्यों से जाने वाले भारतीय नागरिक 90 दिनों तक, जबकि स्वतंत्र पेशेवर 180 दिनों तक ओमान में रह सकेंगे। वहीं कॉर्पोरेट सेक्टर से जुड़े कर्मचारी लगातार चार वर्षों तक अपनी सेवाएं दे सकेंगे।
विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस समझौते के बाद ओमान को होने वाले भारतीय निर्यात में करीब 50 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है, जिससे दोनों देशों के आर्थिक संबंध और मजबूत होंगे।
