रायपुर, 4 जुलाई।
छत्तीसगढ़ सरकार के मंत्रिमंडल का दो दिवसीय चिंतन शिविर शनिवार को नवा रायपुर स्थित भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) में शुरू हो गया। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में आयोजित इस शिविर में राज्य सरकार के सभी मंत्री शामिल हुए। शिविर का उद्देश्य सुशासन, प्रभावी नेतृत्व, नई तकनीकों और भविष्य की विकास रणनीतियों पर व्यापक विचार-विमर्श करना है।
चिंतन शिविर के पहले दिन की शुरुआत प्रख्यात आध्यात्मिक गुरु एवं मोटिवेशनल स्पीकर गौर गोपाल दास के प्रेरक व्याख्यान से हुई। उन्होंने मंत्रियों को जीवन मूल्यों, सकारात्मक नेतृत्व, प्रभावी प्रशासन और जनसेवा के प्रति समर्पित दृष्टिकोण पर अपने विचार साझा किए। उनके संबोधन में बेहतर नेतृत्व क्षमता और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर विशेष जोर दिया गया।
इसके बाद तकनीकी विशेषज्ञ अभय करंदीकर ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), उभरती प्रौद्योगिकियों और भविष्य की शासन व्यवस्था में उनके बढ़ते महत्व पर प्रस्तुति दी। वहीं कृषि विशेषज्ञ डॉ. रमेश चंद ने कृषि क्षेत्र, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और भविष्य की कृषि नीतियों पर विस्तार से अपने विचार रखे।
शिविर के दूसरे दिन रविवार की शुरुआत योग सत्र से होगी। इसके बाद पर्यटन विशेषज्ञ सुमन बिल्ला पर्यटन एवं सेवा क्षेत्र की संभावनाओं, शशांक मणि त्रिपाठी सार्वजनिक नीति एवं विकास, ओलंपिक पदक विजेता गगन नारंग उत्कृष्टता, नेतृत्व और प्रदर्शन संस्कृति, जबकि डॉ. विनय सहस्रबुद्धे सुशासन, नेतृत्व और जनकेंद्रित प्रशासन जैसे विषयों पर मंत्रियों को संबोधित करेंगे।
सरकार का मानना है कि इस चिंतन शिविर से मंत्रियों को बदलते समय की चुनौतियों, आधुनिक प्रशासनिक सोच और जनहित आधारित निर्णय प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाने में नई दिशा मिलेगी।

