रायपुर के होटल हयात से लैपटॉप और हजारों का बिल छोड़कर फरार हुआ था आरोपी, 72 घंटे में भुवनेश्वर से दबोचा गया; 1990 से बदल-बदलकर पहचान के साथ करता था ठगी
रायपुर, 3 जुलाई। रायपुर पुलिस ने एक ऐसे शातिर अंतरराज्यीय ठग को गिरफ्तार किया है, जिसने कथित तौर पर देशभर के 300 से अधिक फाइव स्टार होटलों को अपना निशाना बनाया। 69 वर्षीय आरोपी बिंगसन जॉन को ओडिशा के भुवनेश्वर से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार आरोपी वर्षों से अलग-अलग पहचान बनाकर महंगे होटलों में ठहरता था और बिना बिल चुकाए होटल का सामान लेकर फरार हो जाता था। उसके काम करने के तरीके की तुलना कुख्यात ठग चार्ल्स शोभराज से की जा रही है।
होटल हयात से शुरू हुई जांच
पुलिस के मुताबिक आरोपी 25 जून को रायपुर के तेलीबांधा स्थित होटल हयात में फर्जी पहचान के साथ ठहरा था। दो दिन तक होटल की सुविधाओं का उपयोग करने के बाद वह 27 जून की सुबह बिना चेक-आउट किए फरार हो गया। आरोपी ने होटल का करीब 63,755 रुपये का बिल नहीं चुकाया और होटल से किराये पर लिया गया लगभग 1.48 लाख रुपये कीमत का लैपटॉप भी अपने साथ ले गया।
जब होटल प्रबंधन ने उससे संपर्क करने की कोशिश की तो उसके मोबाइल नंबर बंद मिले। इसके बाद होटल प्रबंधन ने तेलीबांधा थाने में शिकायत दर्ज कराई।
72 घंटे में दबोचा गया आरोपी
मामले की गंभीरता को देखते हुए तेलीबांधा थाना पुलिस और एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट ने संयुक्त जांच शुरू की। तकनीकी विश्लेषण और फर्जी दस्तावेजों की पड़ताल के आधार पर आरोपी की लोकेशन ओडिशा के भुवनेश्वर में मिली। पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए महज 72 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से होटल का लैपटॉप भी बरामद कर लिया गया।
विदेशी गाइड और योगा टीचर बनकर करता था ठगी
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह वर्ष 1990 से इस तरह की वारदातों को अंजाम दे रहा है। वह कभी खुद को विदेशी ट्रैवल गाइड, कभी अंग्रेजी शिक्षक तो कभी योगा प्रशिक्षक बताकर महंगे होटलों में ठहरता था। कई दिनों तक होटल में रहने के बाद मौका मिलते ही बिना भुगतान किए फरार हो जाता था।
15 साल जेल में काट चुका है सजा
पुलिस के अनुसार आरोपी मूल रूप से तमिलनाडु के तूतीकोरिन का रहने वाला है और विभिन्न राज्यों की जेलों में करीब 15 वर्ष सजा काट चुका है। पहली बार वह वर्ष 1996 में तिहाड़ जेल गया था। रायपुर पुलिस ने उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस अब अन्य राज्यों में दर्ज उसके पुराने मामलों की जानकारी जुटा रही है और यह पता लगाने में लगी है कि उसने किन-किन शहरों और होटलों को अपना शिकार बनाया था।

