देर रात हुई अहम बैठक में बनी सहमति, मांगों पर जल्द निर्णय का वादा; समयसीमा में कार्रवाई नहीं हुई तो फिर शुरू होगा आंदोलन
रायपुर, 2 जुलाई। छत्तीसगढ़ में अपनी लंबित मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन कर रहे महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के कर्मचारियों ने फिलहाल अपना आंदोलन स्थगित कर दिया है। यह फैसला उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के साथ देर रात हुई महत्वपूर्ण बैठक के बाद लिया गया।
बैठक में मनरेगा कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपनी सेवा संबंधी समस्याओं और लंबित मांगों को विस्तार से सरकार के सामने रखा। कर्मचारियों ने नियमितीकरण, सेवा सुरक्षा सहित विभिन्न मुद्दों पर जल्द ठोस निर्णय लेने की मांग की।
बैठक के दौरान उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कर्मचारियों को भरोसा दिलाया कि सरकार उनकी सभी मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी और 15 दिनों के भीतर उचित निर्णय लेने की दिशा में कार्रवाई शुरू की जाएगी। सरकार के इस आश्वासन के बाद कर्मचारी संगठनों ने आपसी सहमति से अपना आंदोलन फिलहाल स्थगित करने का निर्णय लिया।
हालांकि कर्मचारियों ने साफ किया है कि यदि तय समयसीमा के भीतर उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो वे दोबारा आंदोलन की रणनीति बनाकर संघर्ष शुरू करेंगे।
बैठक सकारात्मक माहौल में संपन्न हुई, जिसमें बड़ी संख्या में मनरेगा कर्मचारी और कर्मचारी संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे। फिलहाल आंदोलन टलने से ग्रामीण विकास कार्यों के प्रभावित होने की आशंका भी कम हो गई है, लेकिन अब सभी की निगाहें सरकार के अगले 15 दिनों के फैसले पर टिकी हैं।

