जगदलपुर, 1 जुलाई। बस्तर पुलिस विभाग में करोड़ों रुपये के कथित वेतन घोटाले का खुलासा होने से पूरे महकमे में हड़कंप मच गया है। विभाग की वेतन शाखा में पदस्थ तीन कर्मचारियों पर पिछले दो वर्षों के दौरान वेतन और लोन के नाम पर फर्जी भुगतान कर सरकारी राशि का गबन करने का आरोप है। शुरुआती जांच में करीब डेढ़ से दो करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितता सामने आई है। मामले में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है, जबकि जांच अभी जारी है।
जानकारी के मुताबिक, विभाग में नियमित वित्तीय ऑडिट के दौरान वेतन भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड में संदिग्ध गड़बड़ियां सामने आईं। इसके बाद पुलिस विभाग ने विस्तृत जांच शुरू कराई। जांच में पाया गया कि वेतन और लोन से संबंधित दस्तावेजों में कथित हेरफेर कर सरकारी धन का फर्जी भुगतान किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की जिम्मेदारी डीएसपी रैंक के अधिकारी को सौंपी गई।
बस्तर के पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में वित्तीय अनियमितता की पुष्टि होने के बाद वेतन शाखा में पदस्थ गिरीश राय, राजकुमार कतलम और हेमंत मैथ्यू के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया। तीनों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
एसपी ने कहा कि जांच अभी शुरुआती दौर में है और इस पूरे मामले में अन्य कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। संदिग्ध कर्मचारियों से पूछताछ जारी है। पुलिस को आशंका है कि जांच आगे बढ़ने पर गबन की राशि और बढ़ सकती है तथा इस घोटाले में कुछ और लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं।
इस सनसनीखेज मामले ने पुलिस विभाग की आंतरिक वित्तीय निगरानी व्यवस्था और ऑडिट प्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विभाग अब पूरे वित्तीय रिकॉर्ड की गहन जांच कर रहा है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी में जुटा है।

