बस्तर की ‘बड़ी दीदी’ बुधरी ताती को पद्मश्री, राष्ट्रपति भवन में मिला सेवा का सर्वोच्च सम्मान

नई दिल्ली/दंतेवाड़ा, 24 जून 2026। बस्तर की माटी ने एक बार फिर देशभर में अपनी पहचान बनाई है। दंतेवाड़ा जिले के हीरानगर की समाजसेविका बुधरी ताती को समाजसेवा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रतिष्ठित पद्मश्री सम्मान से अलंकृत किया गया है। राष्ट्रपति भवन में आयोजित भव्य नागरिक सम्मान समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया।

बुधरी ताती बीते चार दशकों से बस्तर के दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में महिलाओं, आदिवासी बच्चियों और वृद्धजनों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही हैं। वर्ष 1984 से शुरू हुई उनकी सेवा यात्रा आज हजारों लोगों के लिए प्रेरणा बन चुकी है।

महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में बुधरी ताती ने अब तक 500 से अधिक महिलाओं को प्रशिक्षण और मार्गदर्शन देकर आगे बढ़ने का अवसर दिया है। आदिवासी समाज की बेटियों को शिक्षा से जोड़ने और जरूरतमंद बुजुर्गों की सेवा में भी उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है।

बस्तर में लोग उन्हें स्नेह और सम्मान से ‘बड़ी दीदी’ कहते हैं। उनका जीवन यह संदेश देता है कि सच्ची सेवा के लिए बड़े मंच या बड़े संसाधनों की नहीं, बल्कि मजबूत संकल्प और संवेदनशील मन की जरूरत होती है।

पद्मश्री सम्मान मिलने के बाद दंतेवाड़ा सहित पूरे बस्तर संभाग में हर्ष का माहौल है। बुधरी ताती का यह सम्मान केवल उनका व्यक्तिगत गौरव नहीं, बल्कि बस्तर की सेवा, संस्कृति और सामाजिक चेतना का राष्ट्रीय सम्मान है।

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