जगदलपुर, 24 जून 2026। खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए उपलब्ध जिला खनिज संस्थान न्यास निधि (डीएमएफटी) के बेहतर उपयोग को लेकर बुधवार को जिला कार्यालय के प्रेरणा सभाकक्ष में शासी परिषद एवं समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में वर्ष 2025-26 के दौरान स्वीकृत विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई, वहीं आगामी पांच वर्षों के लिए प्रस्तावित योजनाओं और प्राथमिकताओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में सांसद महेश कश्यप ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि डीएमएफटी की राशि का उपयोग ऐसे कार्यों में किया जाए, जिनसे आम नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ मिले। उन्होंने स्कूल भवन, आंगनबाड़ी केंद्र, स्वास्थ्य सुविधाओं और पिछले वर्ष बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने वाले कार्यों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। सांसद ने कहा कि खनिज संपदा से मिलने वाली निधि का उद्देश्य प्रभावित क्षेत्रों के लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाना है और उसी दिशा में योजनाएं बनाई जानी चाहिए।
विधायक विनायक गोयल ने बैठक में ऑयल पाम की खेती को बढ़ावा देने और किसानों को उद्यानिकी विभाग की योजनाओं से अधिक से अधिक जोड़ने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि किसानों को योजनाओं का पूरा लाभ मिले, इसके लिए विभागों को समन्वय के साथ काम करना चाहिए। साथ ही उन्होंने वर्षों से लंबित विकास कार्यों को जल्द पूरा करने की जरूरत भी बताई।
समीक्षा बैठक के दौरान कलेक्टर आकाश छिकारा ने निर्माण एजेंसियों और विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि डीएमएफटी से स्वीकृत सभी कार्य निर्धारित समय में और गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। उन्होंने विशेष रूप से लंबित देवगुड़ी निर्माण कार्यों को शीघ्र पूरा करने पर बल दिया और कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए।
बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा डीएमएफटी मद से संचालित परियोजनाओं की स्थिति प्रस्तुत की गई। अधिकारियों ने पूर्ण, अपूर्ण और प्रगतिरत कार्यों की जानकारी दी, जिसके आधार पर आगामी कार्ययोजना तैयार करने पर चर्चा हुई। बैठक में लंबित परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग और समयबद्ध क्रियान्वयन पर भी जोर दिया गया।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप, उपाध्यक्ष बलदेव मंडावी, पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा, वनमंडलाधिकारी उत्तम गुप्ता, जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन, डीएमएफटी नोडल अधिकारी ऋषिकेश तिवारी सहित जनप्रतिनिधि और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना रहा कि खनिज संपदा से प्राप्त निधि का उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क, आंगनबाड़ी और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास में प्रभावी ढंग से हो, ताकि खनन प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को विकास का वास्तविक लाभ मिल सके।



