जगदलपुर, 1 जुलाई। बस्तर जिले के शिक्षा विभाग में प्रशासनिक लापरवाही को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) ने सख्त रुख अपनाया है। समय-सीमा के भीतर आवश्यक जानकारी उपलब्ध नहीं कराने पर खंड शिक्षा अधिकारी (BEO), बस्तर को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए स्पष्टीकरण तलब किया गया है। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए उच्च कार्यालय को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
30 जून 2026 को जारी पत्र के अनुसार, छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के प्रश्न क्रमांक-313 तथा 1 जुलाई 2026 को प्रस्तावित संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक के लिए नि:शुल्क पाठ्यपुस्तक योजना से संबंधित जानकारी जिला कार्यालय द्वारा बनाए गए व्हाट्सएप और ई-मेल समूह के माध्यम से तत्काल मांगी गई थी। इसके बावजूद संबंधित अधिकारी द्वारा निर्धारित समय पर जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई।
डीईओ ने पत्र में कहा है कि समय पर जानकारी नहीं मिलने के कारण विधानसभा और शिक्षा मंत्री की समीक्षा बैठक के लिए आवश्यक सूचनाएं निर्धारित समय-सीमा में भेजना संभव नहीं हो पाया। इसे प्रशासनिक कार्यों के प्रति गंभीर लापरवाही और कार्यक्षमता की कमी माना गया है।
पत्र में उल्लेख किया गया है कि संबंधित अधिकारी का यह आचरण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के प्रावधानों के विपरीत है। इसलिए उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए उच्च कार्यालय को प्रस्ताव भेजने की बात कही गई है।
जिला शिक्षा अधिकारी ने निर्देश दिया है कि संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी 30 जून 2026 को अपराह्न 3 बजे तक आवश्यक जानकारी के साथ अपना स्पष्टीकरण अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करें। पत्र की प्रतिलिपि लोक शिक्षण संचालनालय, नवा रायपुर तथा संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग बस्तर को भी सूचनाार्थ भेजी गई है।

