जगदलपुर, 30 जून। बस्तर जिले के बकावंड विकासखंड के जैतगिरी, सरगीपाल, गिरोला, डुरकाबेड़ा और बदलावंड गांवों में जल अर्पण दिवस उत्साह और जनभागीदारी के साथ मनाया गया। इस अवसर पर ग्रामीणों ने जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का संकल्प लेते हुए वर्षा जल संचयन और प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने गांवों में डबरी और तालाब निर्माण को बढ़ावा देने, पेयजल स्रोतों के आसपास सोख्ता गड्ढों का निर्माण करने, घरों से निकलने वाले उपयोगी पानी का किचन गार्डन में पुनः उपयोग करने तथा स्वच्छता बनाए रखने जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लिए। लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से गांवों में जागरूकता रैली भी निकाली गई।
महिला जल वाहिनी की सदस्याओं ने जल बचाने और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जुड़ने का आह्वान किया। वहीं जल जीवन मिशन की आईईसी विशेषज्ञ ज्योत्सना सूना ने ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल की उपयोगिता, जल स्रोतों की स्वच्छता, जल कर के नियमित भुगतान, सोख्ता गड्ढों के निर्माण, पौधरोपण और जल संसाधनों के संरक्षण के महत्व की विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम में पांचों ग्राम पंचायतों के सरपंच, जनप्रतिनिधि, महिला जल वाहिनी की सदस्याएं और बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। सामुदायिक सहभागिता से आयोजित इस अभियान ने जल संरक्षण के प्रति लोगों की बढ़ती जागरूकता और जिम्मेदारी को एक बार फिर मजबूत किया।

